Political GK (राजनीतिक सामान्य ज्ञान) प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल परीक्षाओं में सफलता दिलाने में मदद करता है, बल्कि एक जागरूक नागरिक बनने और सरकार की नीतियों को समझने में भी सहायक है। इस लेख में, हम Political GK के मुख्य विषयों, सवालों और इसे पढ़ने के प्रभावी सुझावों पर चर्चा करेंगे।

Political GK क्या है?
Political GK का मतलब राजनीति से जुड़े सामान्य ज्ञान से है। यह विषय संविधान, चुनाव, राजनीतिक सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे विषयों को कवर करता है। यह न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि एक जागरूक नागरिक बनने और देश की राजनीति को समझने के लिए भी आवश्यक है। आइए Political GK को विस्तार से समझें।
Political GK का अर्थ
Political GK, यानी Political General Knowledge, में राजनीतिक प्रणाली, संविधान, सरकार के अंग, चुनाव प्रक्रिया, राजनीतिक सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे विषय शामिल होते हैं।
यह ज्ञान सरकारी नीतियों को समझने, सामाजिक और राजनीतिक निर्णय लेने, और विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है।
राजनीतिक ज्ञान की उपयोगिता
1. सरकारी परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक
- UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में Political GK के सवाल आते हैं।
- इन परीक्षाओं में संविधान, संसद, चुनाव, और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े प्रश्न प्रमुख होते हैं।
2. निर्णय लेने और सरकारी नीतियों को समझने में सहायक
- राजनीति की समझ से व्यक्ति सरकारी योजनाओं और उनके उद्देश्यों को बेहतर तरीके से समझ पाता है।
- उदाहरण के लिए, “समान नागरिक संहिता” या “जीएसटी” जैसे विषयों को जानना राजनीतिक ज्ञान के अंतर्गत आता है।
3. बेहतर नागरिक बनने में मदद
- राजनीतिक घटनाओं और सरकारी नीतियों के प्रति जागरूकता से व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सतर्क रहता है।
- यह सामाजिक मुद्दों पर संवेदनशीलता विकसित करता है।
4. करियर के लिए मददगार
- राजनीति और प्रशासन से जुड़े करियर के लिए Political GK का ज्ञान अनिवार्य है।
- सिविल सेवाओं, पत्रकारिता, और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र में यह विषय बेहद उपयोगी है।
राजनीति से जुड़े सामान्य ज्ञान का दायरा
1. भारतीय संविधान के प्रावधान
- संविधान भारत का सर्वोच्च कानून है। इसके प्रमुख भागों, अनुच्छेदों, और संशोधनों को समझना Political GK का मुख्य भाग है।
- उदाहरण:
- संविधान का अनुच्छेद 14: समानता का अधिकार।
- अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार।
2. भारतीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाएं
- भारतीय राजनीति में हुई प्रमुख घटनाएं जैसे आजादी के बाद का राजनीतिक विकास, आपातकाल, या 73वें और 74वें संविधान संशोधन।
- अंतरराष्ट्रीय राजनीति में संयुक्त राष्ट्र, G20, ब्रिक्स, और नाटो जैसे संगठनों की भूमिका।
3. राजनीतिक संस्थानों और उनके कामकाज की जानकारी
- संसद: लोकसभा और राज्यसभा का गठन, शक्तियां और कार्य।
- न्यायपालिका: उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, और उनकी भूमिकाएं।
- कार्यपालिका: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और उनके कर्तव्य।
- चुनाव आयोग: भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने वाली संस्था।
Political GK के प्रमुख विषय
Political GK को बेहतर समझने के लिए इसके मुख्य विषयों का विस्तार से अध्ययन करना आवश्यक है। इसमें भारतीय राजनीतिक प्रणाली से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। आइए इन विषयों को विस्तार से समझते हैं।
1. भारतीय राजनीतिक प्रणाली
(a) संसदीय प्रणाली और भारतीय लोकतंत्र
- भारत में संसदीय प्रणाली ब्रिटेन से प्रेरित है।
- भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
- यह प्रणाली राष्ट्रपति को एक संवैधानिक प्रमुख और प्रधानमंत्री को कार्यकारी प्रमुख के रूप में स्थापित करती है।
- लोकसभा और राज्यसभा के माध्यम से संसद का संचालन होता है।
(b) केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकार और उनके संबंध
- भारतीय संविधान के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारों का विभाजन किया गया है।
- संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, विषयों को तीन सूचियों में विभाजित किया गया है:
- सामान्य सूची (Union List): रक्षा, विदेश मामले, मुद्रा।
- राज्य सूची (State List): पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि।
- समवर्ती सूची (Concurrent List): शिक्षा, वन, सामाजिक सुरक्षा।
- केंद्र और राज्य के बीच तालमेल और विवादों के समाधान के लिए कई प्रावधान दिए गए हैं।
(c) भारतीय संविधान और उसके प्रमुख अनुच्छेद
- भारतीय संविधान विश्व का सबसे विस्तृत संविधान है।
- इसमें कुल 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां, और 25 भाग हैं।
- महत्वपूर्ण अनुच्छेद:
- अनुच्छेद 14: समानता का अधिकार।
- अनुच्छेद 19: बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
- अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार।
- अनुच्छेद 370: जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा (2019 में हटाया गया)।
2. चुनाव और मतदान प्रक्रिया
(a) भारत में चुनाव आयोग की भूमिका
- भारत का चुनाव आयोग (Election Commission of India) एक स्वायत्त संस्था है।
- यह चुनावों के स्वतंत्र और निष्पक्ष संचालन के लिए जिम्मेदार है।
- चुनाव आयोग के तहत निम्नलिखित कार्य होते हैं:
- मतदाता सूची का अद्यतन।
- राजनीतिक दलों का पंजीकरण।
- आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करना।
(b) आम चुनाव, राज्य चुनाव, और उपचुनाव
- आम चुनाव: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए आयोजित होते हैं।
- राज्य चुनाव: प्रत्येक राज्य में विधान सभा के लिए अलग से आयोजित होते हैं।
- उपचुनाव: जब किसी सदस्य की मृत्यु, इस्तीफा, या अयोग्यता के कारण सीट खाली हो जाती है।
(c) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और VVPAT
- भारत ने 1999 में पहली बार EVM का उपयोग किया।
- EVM के साथ Voter Verified Paper Audit Trail (VVPAT) को जोड़ा गया है, जिससे मतदाता अपने वोट की पुष्टि कर सकता है।
- यह प्रक्रिया चुनावों को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाती है।
3. राजनीतिक सिद्धांत
(a) लोकतंत्र, समाजवाद, पूंजीवाद, और धर्मनिरपेक्षता
- लोकतंत्र:
- जनता द्वारा, जनता के लिए, और जनता का शासन।
- भारत में प्रतिनिधिक लोकतंत्र लागू है।
- समाजवाद:
- संसाधनों का समान वितरण।
- यह विचारधारा भारतीय संविधान के प्रस्तावना में जोड़ी गई।
- पूंजीवाद:
- निजी संपत्ति और बाजार आधारित अर्थव्यवस्था पर आधारित।
- धर्मनिरपेक्षता:
- भारत में सभी धर्मों को समान मान्यता दी जाती है।
(b) भारतीय राजनीति में गांधीवाद और समाजवाद का प्रभाव
- गांधीवाद:
- अहिंसा, सत्य, और ग्राम स्वराज पर आधारित।
- यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा थी।
- समाजवाद:
- जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के शासनकाल में समाजवादी नीतियां लागू की गईं।
- राष्ट्रीयकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे कार्यक्रम इसका हिस्सा थे।
4. अंतरराष्ट्रीय राजनीति
(a) अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे संयुक्त राष्ट्र, वर्ल्ड बैंक, और IMF
- संयुक्त राष्ट्र (UN):
- इसकी स्थापना 1945 में हुई।
- इसके प्रमुख अंग: सुरक्षा परिषद, महासभा, और आर्थिक व सामाजिक परिषद।
- वर्ल्ड बैंक:
- विकासशील देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- IMF (International Monetary Fund):
- वैश्विक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।
(b) G20 और COP (Conference of Parties) की भूमिका
- G20:
- यह 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है।
- भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की।
- COP (Conference of Parties):
- यह जलवायु परिवर्तन पर चर्चा और समाधान के लिए आयोजित होता है।
- इसका उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करना है।
(c) भारत की विदेश नीति और पड़ोसी देशों के साथ संबंध
- भारत की विदेश नीति पंचशील के सिद्धांतों पर आधारित है।
- पड़ोसी देशों के साथ:
- चीन: सीमा विवाद (डोकलाम और अरुणाचल प्रदेश)।
- पाकिस्तान: कश्मीर मुद्दा और आतंकवाद।
- नेपाल और भूटान: सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध।
- श्रीलंका: तमिल मुद्दा और मछुआरों की समस्या।
Political GK के प्रश्नों के उदाहरण
1. भारतीय संविधान को कब अपनाया गया था?
उत्तर: 26 नवंबर 1949
- भारतीय संविधान को संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को अपनाया।
- यह संविधान 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ।
- 26 नवंबर को हर साल संविधान दिवस (Constitution Day) के रूप में मनाया जाता है।
- संविधान निर्माण की प्रक्रिया 9 दिसंबर 1946 से शुरू हुई और यह लगभग 2 साल, 11 महीने, 18 दिन में पूरी हुई।
- डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है।
2. भारतीय संसद के कितने सदन हैं?
उत्तर: दो (लोकसभा और राज्यसभा)
- भारतीय संसद द्विसदनीय प्रणाली पर आधारित है, जिसमें दो सदन शामिल हैं:
- लोकसभा (निचला सदन):
- इसे “जनता का सदन” कहा जाता है।
- सदस्यों की अधिकतम संख्या 552 है।
- वर्तमान में 543 निर्वाचित सदस्य हैं।
- इनका कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
- राज्यसभा (उच्च सदन):
- इसे “राज्यों का सदन” कहा जाता है।
- अधिकतम सदस्य 250 हो सकते हैं।
- वर्तमान में 245 सदस्य हैं, जिनमें से 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाते हैं, और 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित होते हैं।
- इनका कार्यकाल 6 वर्ष होता है, और हर 2 साल में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
- लोकसभा (निचला सदन):
3. भारत के पहले राष्ट्रपति कौन थे?
उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे।
- इनका कार्यकाल 26 जनवरी 1950 से 13 मई 1962 तक रहा।
- वे एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति थे जो दो बार इस पद पर चुने गए।
- इन्हें “देशरत्न” की उपाधि से सम्मानित किया गया।
- संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संविधान निर्माण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई।
- इनका जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले में हुआ था।
4. संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय कहां स्थित है?
उत्तर: न्यूयॉर्क, अमेरिका
- संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित है।
- इसका उद्घाटन 24 अक्टूबर 1945 को हुआ।
- यह मुख्यालय अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कार्य करता है।
- संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंग:
- सुरक्षा परिषद (Security Council)
- महासभा (General Assembly)
- आर्थिक और सामाजिक परिषद (Economic and Social Council)
- न्यायालय (International Court of Justice)
- सचिवालय (Secretariat)
- वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं।
5. राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?
उत्तर: 6 वर्ष
- राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।
- हर दो साल में इसके एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं।
- सदस्य राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
- उप-राष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
- राज्यसभा का गठन भारत की संघीय संरचना को मजबूत करने के लिए किया गया है।
- इसका पहला सत्र 13 मई 1952 को आयोजित हुआ था।
Political GK का महत्व
राजनीति से संबंधित सामान्य ज्ञान (Political GK) हर व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने में सहायक है, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी आवश्यक है। Political GK की जानकारी से व्यक्ति देश की राजनीतिक प्रणाली, उसके कामकाज, और सरकार की नीतियों को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
1. प्रतियोगी परीक्षाओं में Political GK की भूमिका
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए Political GK का ज्ञान अनिवार्य है। यह विषय विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सवालों का एक बड़ा हिस्सा होता है।
i. प्रमुख परीक्षाएं:
- UPSC (सिविल सेवा):
- इसमें भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े गहन प्रश्न पूछे जाते हैं।
- Political GK का ज्ञान मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार दोनों में महत्वपूर्ण है।
- SSC (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन):
- सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के हिस्से में राजनीतिक विषयों से संबंधित प्रश्न आते हैं।
- बैंकिंग और रेलवे परीक्षाएं:
- इनमें Political GK के प्रश्न अक्सर समसामयिक राजनीति, संविधान, और सरकारी योजनाओं पर आधारित होते हैं।
- राज्य स्तरीय परीक्षाएं (PSC):
- राज्य की राजनीतिक स्थिति, सरकार के कामकाज, और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
ii. साक्षात्कार और ग्रुप डिस्कशन में सहायक:
- साक्षात्कार:
- नौकरी या परीक्षा के इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से समसामयिक राजनीतिक विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
- Political GK से उम्मीदवार की सोचने की क्षमता और राजनीतिक समझ का आकलन किया जाता है।
- ग्रुप डिस्कशन:
- किसी राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर चर्चा करते समय, राजनीतिक ज्ञान से उम्मीदवार का आत्मविश्वास और प्रभावशाली व्यक्तित्व सामने आता है।
2. जागरूक नागरिक बनने में Political GK का योगदान
एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए राजनीति की जानकारी होना आवश्यक है।
i. सरकारी योजनाओं और नीतियों को समझने में सहायक:
- सरकार की विभिन्न योजनाओं, जैसे मनरेगा, जनधन योजना, आयुष्मान भारत, आदि की जानकारी व्यक्ति को अपने अधिकारों और लाभों को समझने में मदद करती है।
- यह समझने में मदद मिलती है कि योजनाएं समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कैसे लाभकारी हैं।
ii. देश की राजनीतिक स्थिति के प्रति संवेदनशीलता:
- Political GK से व्यक्ति देश और दुनिया में घट रही राजनीतिक घटनाओं के बारे में जागरूक रहता है।
- यह व्यक्ति को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने और अपने मताधिकार का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है।
- यह समाज में हो रहे बदलावों को समझने और उनका विश्लेषण करने में मदद करता है।
3. निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
राजनीतिक ज्ञान से व्यक्ति न केवल राजनीतिक मुद्दों पर बल्कि अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में भी बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होता है।
i. सामाजिक मुद्दों पर विचार:
- Political GK से व्यक्ति समाज के विभिन्न मुद्दों, जैसे धार्मिक सहिष्णुता, आर्थिक असमानता, और सामाजिक न्याय को समझकर अपनी राय बना सकता है।
- यह उसे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में योगदान करने के लिए प्रेरित करता है।
ii. राजनीतिक घटनाओं का विश्लेषण:
- राजनीतिक घटनाओं और निर्णयों का गहराई से विश्लेषण करने की क्षमता विकसित होती है।
- व्यक्ति समझ सकता है कि किसी नीति या निर्णय का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
iii. मतदान के महत्व को समझना:
- Political GK व्यक्ति को सही उम्मीदवार चुनने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
- यह उसे यह समझने में मदद करता है कि उसका मत देश के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
4. अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ग्लोबल सिटिजन बनने में मदद
Political GK केवल राष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यक्ति की सोच को विस्तारित करता है।
i. वैश्विक संगठन और उनके कार्य:
- संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, IMF, और WTO जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जानकारी व्यक्ति को वैश्विक मुद्दों को समझने में मदद करती है।
- यह उसे वैश्विक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है।
ii. भारत की विदेश नीति:
- भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध, G20, और BRICS जैसे संगठनों में भारत की भूमिका का ज्ञान व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में रुचि लेने के लिए प्रेरित करता है।
Political GK के महत्व का सारांश
Political GK का महत्व व्यक्ति के व्यक्तिगत, सामाजिक, और राष्ट्रीय जीवन में कई तरीकों से दिखता है:
- प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में सहायक।
- जागरूक नागरिक बनने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
- राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है।
- अंतरराष्ट्रीय राजनीति की समझ बढ़ाकर व्यक्ति को वैश्विक नागरिक बनाता है।
Types of Political GK Questions (Political GK के प्रश्नों के प्रकार)
Political GK से जुड़े प्रश्नों को उनके विषय के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। प्रत्येक श्रेणी में विषय से जुड़े तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। नीचे Political GK के चार प्रमुख प्रकारों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
1. Indian Political System (भारतीय राजनीतिक प्रणाली)
भारतीय राजनीतिक प्रणाली से जुड़े सवाल प्रतियोगी परीक्षाओं और राजनीतिक ज्ञान के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें संविधान, संसद, और न्यायपालिका के बारे में प्रश्न शामिल होते हैं।
प्रमुख विषय:
- भारतीय संविधान और उसके अनुच्छेद।
- संसद (लोकसभा और राज्यसभा)।
- केंद्र और राज्य सरकारों का कामकाज।
- न्यायपालिका और उसकी भूमिका।
उदाहरण प्रश्न:
- “भारतीय संविधान का निर्माण कब पूरा हुआ?”
- उत्तर: 26 नवंबर 1949।
- “भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?”
- उत्तर: 5 साल।
- “भारत के प्रथम कानून मंत्री कौन थे?”
- उत्तर: डॉ. भीमराव अंबेडकर।
- “राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?”
- उत्तर: भारत का राष्ट्रपति।
2. Elections and Voting (चुनाव और मतदान)
चुनाव और मतदान प्रक्रिया से जुड़े सवाल भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें चुनाव आयोग, मतदान प्रक्रिया, और चुनाव सुधारों से जुड़े विषय शामिल होते हैं।
प्रमुख विषय:
- भारत का चुनाव आयोग।
- चुनाव प्रक्रिया (आम चुनाव, उपचुनाव)।
- EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और VVPAT।
- चुनाव सुधार।
उदाहरण प्रश्न:
- “भारत में चुनाव आयोग की स्थापना कब हुई?”
- उत्तर: 25 जनवरी 1950।
- “भारत में पहली बार आम चुनाव कब हुए?”
- उत्तर: 1951-52।
- “EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का उपयोग पहली बार कब हुआ?”
- उत्तर: 1982 केरल के चुनाव में।
- “भारत में कितने प्रकार के चुनाव होते हैं?”
- उत्तर: तीन (लोकसभा, विधानसभा, और स्थानीय चुनाव)।
3. Political Theories (राजनीतिक सिद्धांत)
राजनीतिक सिद्धांत राजनीतिक विचारधाराओं और उनके व्यवहारिक पहलुओं पर आधारित होते हैं। यह विषय लोकतंत्र, समाजवाद, पूंजीवाद, और धर्मनिरपेक्षता जैसे सिद्धांतों को कवर करता है।
प्रमुख विषय:
- लोकतंत्र (Democracy)।
- समाजवाद (Socialism)।
- पूंजीवाद (Capitalism)।
- धर्मनिरपेक्षता (Secularism)।
उदाहरण प्रश्न:
- “लोकतंत्र का मूल सिद्धांत क्या है?”
- उत्तर: जनता द्वारा, जनता के लिए, और जनता का शासन।
- “समाजवाद और पूंजीवाद में मुख्य अंतर क्या है?”
- उत्तर:
- समाजवाद में संसाधनों का नियंत्रण सरकार के पास होता है।
- पूंजीवाद में संसाधनों का नियंत्रण निजी संस्थाओं के पास होता है।
- उत्तर:
- “भारतीय राजनीति में गांधीवाद का क्या प्रभाव है?”
- उत्तर: गांधीवाद ने अहिंसा, स्वराज, और सादगी को भारतीय राजनीति का आधार बनाया।
- “धर्मनिरपेक्षता का क्या अर्थ है?”
- उत्तर: सभी धर्मों को समान महत्व देना और राज्य का किसी एक धर्म के प्रति पक्षपात न करना।
4. International Politics (अंतरराष्ट्रीय राजनीति)
अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े प्रश्न वैश्विक संगठनों, अंतरराष्ट्रीय समझौतों, और भारत की विदेश नीति पर आधारित होते हैं।
प्रमुख विषय:
- अंतरराष्ट्रीय संगठन (संयुक्त राष्ट्र, वर्ल्ड बैंक, IMF, WTO)।
- भारत की विदेश नीति।
- G20, BRICS, और ASEAN।
- अंतरराष्ट्रीय विवाद और समझौते।
उदाहरण प्रश्न:
- “संयुक्त राष्ट्र का गठन कब हुआ?”
- उत्तर: 24 अक्टूबर 1945।
- “G20 का उद्देश्य क्या है?”
- उत्तर: वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देना।
- “IMF (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) का मुख्यालय कहां स्थित है?”
- उत्तर: वाशिंगटन डीसी, अमेरिका।
- “भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति का क्या उद्देश्य है?”
- उत्तर: भारत के पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और सहयोगी संबंध बनाए रखना।
Political GK प्रश्नों के महत्व का निष्कर्ष
Political GK के प्रश्न विभिन्न विषयों पर केंद्रित होते हैं, जो व्यक्ति को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति की गहरी समझ प्रदान करते हैं। यह प्रश्न:
- प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में मदद करते हैं।
- राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विचार करने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
- व्यक्ति को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करते हैं।
हर व्यक्ति को Political GK का अध्ययन करना चाहिए ताकि वे लोकतंत्र और राजनीति की प्रक्रियाओं में बेहतर तरीके से भाग ले सकें।
How to Prepare for Political GK? (Political GK की तैयारी कैसे करें?)
तैयारी के टिप्स:
- संविधान की मूलभूत संरचना को समझें:
संविधान के प्रमुख अनुच्छेद, संशोधन और अधिकार पढ़ें। - समाचार पत्र पढ़ें:
राजनीतिक करंट अफेयर्स और नई योजनाओं पर ध्यान दें। - NCERT और अन्य किताबें:
मान्यता प्राप्त पुस्तकों से अध्ययन करें। - मॉक टेस्ट का अभ्यास:
नियमित रूप से मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी को जांचें।
Pros and Cons of Political GK (Political GK के फायदे और नुकसान)
Pros (फायदे):
- सरकारी परीक्षाओं में सफलता के लिए मददगार।
- सरकार और समाज की नीतियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
- एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने में सहायक।
Cons (नुकसान):
- विषय का विस्तृत दायरा इसे जटिल बनाता है।
- करंट अफेयर्स के साथ लगातार अपडेट रहना आवश्यक।
Common Political GK Questions for Exams (Political GK के सामान्य प्रश्न)
- “भारत का संविधान कब लागू हुआ?” – 26 जनवरी 1950।
- “लोकसभा में कुल कितने सदस्य होते हैं?” – 545।
- “राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?” – 6 साल।
- “भारत के पहले राष्ट्रपति कौन थे?” – डॉ. राजेंद्र प्रसाद।
- “इंडियन पॉलिटिक्स के पिता किसे कहा जाता है?” – डॉ. भीमराव अंबेडकर।
Tips to Ace Political GK (Political GK में सफलता पाने के टिप्स)
- राजनीतिक शब्दावली को समझें:
राजनीति से जुड़े शब्दों का अर्थ जानें। - नोट्स बनाएं:
महत्वपूर्ण विषयों के लिए शॉर्ट नोट्स बनाकर बार-बार रिवीजन करें। - वीडियो और डॉक्यूमेंट्री:
शैक्षिक वीडियो और डॉक्यूमेंट्री से अपनी समझ बढ़ाएं। - पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें:
परीक्षा पैटर्न को समझने के लिए पुराने प्रश्न हल करें।
निष्कर्ष:
Political GK प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और जागरूक नागरिक बनने के लिए आवश्यक है। भारतीय राजनीति, संविधान और चुनाव प्रणाली की जानकारी से आप न केवल परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, बल्कि समाज को भी गहराई से समझ सकते हैं।

भारतीय संविधान | Indian Constitution

धमाकेदार 100 Political Gk Questions In Hindi का खास संग्रह
